Friday, Dec 14, 2018
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सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड से पत्रकार समीर ने की रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस छोड़ने की अपील, बताया यह कारण

samir abbas babri masjid

एक तरफ देश में राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर नेताओं के भाषण लोगो के बीच नफरत की दीवार खड़ी कर रहे है वही दूसरी ओर हिन्दू-मुस्लिम एकता हर बार इस दीवार को भेद देती है। अब इसी एकता का उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला जब मुस्लिमो को नमाज़ पढने के लिए हिन्दुओ ने मंदिर के दरवाज़े खोल दिए। इसी घटना पर मशहूर पत्रकार समीर अब्बास ने बड़ी टिपण्णी करते हुए सुन्नी वक्फ बोर्ड से एक ऐसी अपील की है जिससे हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है।

जाम में फंसे होने के कारण नमाज़ का वक़्त निकला जा रहा था तो हिन्दुओ ने मुस्लिम समुदाय के लोगो के मंदिर के दरवाज़े खोल दिए और उन्हें नमाज़ पढने के लिए जगह दे दी। इससे जुडी कुछ तस्वीर शेयर करते हुए पत्रकार समीर अब्बास ने ट्वीट कर लिखा, ‘नफ़रत के मुँह पर करारा तमाचा हैं ये तस्वीरें सियासतदाँ अपने फ़ायदे की ख़ातिर लाख लड़ाने की कोशिश करें पर ये मुल्क अपना मिज़ाज नहीं छोड़ने वाला। यक़ीन न हो तो देखिए कैसे बुलन्दशहर में जाम में फँसे 150 नमाज़ियों के लिए प्राचीन शिव मंदिर का प्रांगण खोल दिया गया । जय हिंद’

वही एक अन्य ट्वीट में इस घटना से जुटी खबर शेयर करते हुए पत्रकार समीर अब्बास ने ट्वीट कर लिखा, ‘इस ख़बर को देखने के बाद काश सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड 6 दिसम्बर के उस काले अध्याय को पीछे छोड़ते हुए कह दे कि हम छोड़ते हैं अयोध्या पर अपना दावा..राम मंदिर के लिए लेते हैं SC से अपना केस वापस, मस्जिद कहीं और बनवा लेंगे, झगड़े की ज़मीन पर वैसे भी कहाँ कभी कोई नमाज़ क़बूल होनी है’

समीर अब्बास के इस ट्वीट पर मशहूर कवि और राजनेता कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा, ‘यानी समीर अब्बास तुम चाहते हो कि धर्म-मज़हब और सियासत के नरभक्षी दुकानदार, दो दशकों की अपनी जमी-जमाई दुकानदारियाँ बंद कर दें ?’

वही एक्टिविस्ट देवाशीष जरारिया ने ट्वीट कर लिखा, ‘समीर जी इस प्यार के लिए मंदिर बनाया जा सकता था, पर भाजपा ने प्यार से नही नफरत से मंदिर मांगा है, और उसपर सियासी जमीन खड़ी की है। अगर इस सद्भाव से रामलला केलिये जमीन मांगी होती तो इस देश का मुसलमान हजारों एकड़ जमीन दे देता। झगड़ा मंदिरमस्जिद का नही सियासत का है।’

आपको बता दें कि यह तस्वीर जिसको लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी अपनी राय पेश कर रहे है ये तस्वीर रविवार को जौनपुर से सामने आई। दरअसल बुलंदशहर में शनिवार से तबलीगी इज्तेमा शुरू हुआ है। तीन दिन तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में शिरकत करने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में मुसलमान दरियापुर गांव पहुंच रहे हैं। इसी दौरान जब कुछ मुस्लिम जौनपुर गांव के शिव मंदिर के करीब पहुचे तो उस समय जोहर (दोपहर) की नमाज़ का समय हो रहा था और वहां काफी दूर तक जाम लगा हुआ था। जब मुस्लिम युवको को आस पास कोई मस्जिद न दिली तो उन लोगों ने गांव के हिंदुओं से मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी जिसपर हिन्दू समुदाय के लोग राज़ी हो गये और मंदिर में उन्हें नमाज़ पढने की जगह दे दी थी।

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