Wednesday, Apr 24, 2019
HomeNewsराहुल गाँधी राफेल मुद्दे पर हुई बातचीत के दावे को खुद मनोहर पर्रिकर ने किया ख़ारिज, कहा ‘बीमार और अस्वस्थ व्यक्ति को अवसरवादी राजनीति का शिकार बनाना गलत’

राहुल गाँधी राफेल मुद्दे पर हुई बातचीत के दावे को खुद मनोहर पर्रिकर ने किया ख़ारिज, कहा ‘बीमार और अस्वस्थ व्यक्ति को अवसरवादी राजनीति का शिकार बनाना गलत’

rahul gandhi parikar

हाल ही में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी मिलने पहुंचे थे जिसके बाद उन्होंने बयान दिया था कि नई राफेल डील से मनोहर पर्रिकर का कोई लेना देना नहीं था।

अब दोनों नेताओ की मुलाक़ात को लेकर मनोहर पर्रिकर ने ररहुल गाँधी को चिट्ठी लिखी है और इस शिष्टाचार भेट को राजनितिक रंग देने पर नाराज़गी ज़ाहिर की है।

मनोहर पर्रिकर ने राहुल गाँधी खत में लिखा कि कल यानी 29 जनवरी को आप बिना सूचना के मेरे स्वास्थ्य का हाल चाल पूछने के लिए आए थे। एक अच्छी परंपरा है कि हम दलगत भावना से ऊपर उठकर किसी अस्वस्थ व्यक्ति को मिलने के लिए जाते हैं और उसके स्वास्थ्य की कामना भी करते हैं। मुझे आपका मेरा हाल जाने के लिए आना अच्छा लगा था आपने और मैंने आपका स्वागत भी किया था।

उन्होंने आगे लिखा कि लेकिन आज सुबह जिस तरह मीडिया में आपके इस विजिट को लेकर बयान सामने आया है मुझे सिर्फ आश्चर्य हुआ है बल्कि मैं इससे आहत भी हूं। समाचार पत्रों में लिखा गया है कि आप ने कहा है कि बातचीत में मैंने आपको बताया कि राफेल डील में मैं कहीं भी नहीं था। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।

इसके आगे मनोहर परिकर ने लिखा कि 5 मिनट की हमारी भेंट में ना तो रफेल की बात हुई ना उससे लेकर कोई चर्चा हुई थी। इस चीज को लेकर इस मीटिंग में बात नहीं हुई है और ना पहले कभी हुई है।

राफेल सौदे पर मनोहर पर्रिकर ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि राफेल सौदा इंटर गवर्नमेंट एग्रीमेंट और डिफेंस प्रोक्योरमेंट प्रोसीजर के नियम के तहत हुआ था। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, यह पूरी खरीद प्रक्रिया सुरक्षा सुरक्षा की प्राथमिकताओं के आधार पर तय नियमों के अनुसार हुई है।

उन्होंने आगे लिखा कि जैसा आप सब जानते हैं कि मैं इन दिनों बीमारी के कारण अपने जीवन के अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा हूं फिर भी गोवा की जनता की सेवा में लगातार लगा हुआ हूं। मैंने सोचा था आप का आना और आपकी शुभकामनाएं मेरे लिए अच्छी होंगी लेकिन मैं नहीं समझ था कि आप के आने के पीछे क्या इरादे थे।

उन्होंने लिखा कि निराशा के साथ मुझे यह लिखना पड़ रहा है कि आप सच को स्वीकार है और सामने लाइए। यह भी निवेदन करूंगा कि किसी बीमार और अस्वस्थ व्यक्ति को अवसरवादी राजनीति का शिकार बनाने की नियत मत रखिए। मैं सदैव गोवा की जनता की सेवा में तत्पर हूं।

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