Monday, Nov 19, 2018
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खैर गांव के मुसलमान अपने घरों को छोड़कर भागे, कारण है पुलिस…

khair village

उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के खैर गांव के मुसलमान अपने घरों को छोड़कर भाग गए हैं। मामला यह है कि यहां पुलिस में आतंकवादी विरोधी कानून के तहत 200 लोगों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत केस दर्ज कर लिए हैं।

खबरों के अनुसार 20 अक्टूबर को एक धार्मिक जुलूस में दो समुदायों का आपस में संघर्ष हुआ था। यह उस वक्त हुआ था दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का एक यात्रा गांव से गुजर रही थी। यूएपीए की धाराएं उन लोगों के खिलाफ लगाई जाती हैं जो देश की अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार स्थानीय निवासी आशीष कुमार शुक्ला जो के उस यात्रा का हिस्सा थे। उन्होंने बूंदी पुलिस थाने में 80 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई थी जो कि सारे मुसलमान थे और 100 से 200 लोगों के खिलाफ को अज्ञात भी लिखे गए हैं।

आशीष का आरोप है कि वह सारे लोग पिस्तौल, बम और तलवारों से लैस थे और उन्होंने की यात्रा पर हमला किया था इसमें 50 से 60 लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है।

अभी तक पुलिस ने खैर से लगभग 19 लोगों को गिरफ्तार किया है और 52 लोगों की शिनाख्त कर ली गई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यूएपीए गलती से लगा दी गई थी इससे एफआईआर में ड्रॉप कर दिया जाएगा।

इस समय गांव की बात करें तो यहां पर पीएसी की टुकड़ी लगाई गई है। सारी दुकानें बंद है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में इस वक्त बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे ही हैं जिन का आरोप है कि पुलिस उनको प्रताड़ित भी करती है।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए जैतून ने कहा कि झगड़ा हिंदू और मुसलमानों के बीच हुआ था लेकिन पुलिस ने मुकदमा सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ दर्ज किया है। उन लोगों को खिलाफ नहीं दर्ज किया गया जो उस यात्रा में हिस्सा ले रहे थे और उन्होंने पथराव भी किया था। इसके साथ ही हमारे घरों और दुकानों को भी जलाया गया। लेकिन पुलिस हमारा उत्पीड़न कर रही है।

उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे रमजान अली ननकुआ जेल में है बाकी लोग गांव छोड़कर चले गए हैं क्योंकि पुलिस उनके घरों पर दबिश मार रही थी। स्थानीय किसान करामतुल्लाह का कहना है कि जब यात्रा जामा मस्जिद के नजदीक पहुंची तो कुछ लोगों ने मुसलमानों पर गुलाल फेकना शुरू कर दिया था जिसके बाद जब उन्हें मना किया गया तो गरमा गरमी शुरू हो गई। लेकिन थोड़ी देर में लोगों ने मामले में हस्तक्षेप किया तो यह सुलझ गया।

उन्होंने कहा कि लेकिन मामला तब बिगड़ा जब कुछ लोगों ने मस्जिद के अंदर गुलाल फेंक दिया। हालांकि उसी गांव के जगदीश कुमार जायसवाल का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने बिना किसी उकसावे के यात्रा पर हमला किया था।

एसपी बहराइच रविंद्र कुमार सिंह का कहना है कि 71 मुस्लिम युवाओं को चिन्हित किया गया है जिनकी शिनाख्त इस यात्रा पर हमला करने वालों में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए वीडियो को परखने के बाद हमने यह कार्रवाई की है। अभी तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एक तरफा एफआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई भी तथ्य नहीं है कि दो समुदायों के बीच में लड़ाई हुई थी। वीडियो के अनुसार यात्रा के लोग सिर्फ जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे और किसी तरह के हिंसा में लिप्त नहीं थे।

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