Friday, Dec 14, 2018
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अशफाक ने हिंदू रीति रिवाज के साथ गुरु विश्वास का किया अंतिम संस्कार, सर भी मुंडवाया

chita ko di asfaq ne aag

चुनाव के नजदीक आते ही भले ही राजनीतिक पार्टी के लोग मंदिर-मस्जिद और हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे उठाकर दोनों ही समुदाय के लोगों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करते हो लेकिन देश में अभी भी ज्यादातर लोग सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में ही विश्वास रखते हैं।

ऐसा ही एक मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया है जहां पर एक मुसलमान व्यक्ति ने अपने हिंदू दोस्त की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया और रीति-रिवाज के अनुसार अपने बाल भी मुंडाया।

यह मामला है जलपाईगुड़ी जिले के बनरहट इलाके का जहां एक मुस्लिम व्यक्ति जिसका नाम अशफाक अहमद है उसने अपने मृतक साथी साजन कुमार विश्वास का अंतिम संस्कार किया और फिर रीति के अनुसार अपना सर भी मुंडाया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार साजन कुमार विश्वास एक स्कूल में पढ़ाते थे और साल 2005 में रिटायर हो गए थे। अशफाक भी उसी स्कूल में पढ़ाते थे और वह उन्हें अपना गुरु भी मानते थे। अशफाक ने रीति-रिवाज के हिसाब से अंतिम संस्कार करने के बाद 11 दिनों तक उनका शौक भी मनाया और इस पूरी प्रक्रिया के लिए पुजारी को बुलाया गया था।

अशफाक ने कहा कि जब उस स्कूल का 100 वर्ष मनाया जा रहा था तभी उनकी नियुक्ति की गई थी। वहां पर कई लोग धर्म और जाति के आधार पर मेरी नियुक्ति का विरोध कर रहे थे लेकिन विश्वास ने उस समय खड़े होकर उनका साथ दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी बातों को नजरअंदाज करो और जब तक कोई घर नहीं मिलता है तो मेरे साथ ही रहना।

अशफ़ाक़ के पिता मुर्शिदाबाद में रहते हैं लेकिन उन्होंने अपने बेटे के फैसले का विरोध नहीं किया था। इसके साथ अशफ़ाक़ की पत्नी और उनके बेटे ने उनका इस काम में पूरे जोश के साथ दिया था।

अशफाक का कहना है कि वह उदार इंसान है और आज जो कुछ भी है वह विश्वास सर की वजह से हैं। अशफाक ने हिंदू रीति रिवाज से अपने गुरु विश्वास का अंतिम संस्कार किया और सर भी मुंडवाया।

उन्होंने यह भी नहीं सोचा था कि आखिर उनके समुदाय के लोग क्या कहेंगे लेकिन हर जगह उनकी तारीफ हो रही है।

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