Wednesday, Apr 24, 2019
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अन्ना बोले- ‘देश में लोकपाल होता तो ‘राफेल घोटाला’ रुक सकता था’, कहा मेरे पास है राफेल जुड़े कागज़ात

anna hazare

वर्ष 2011 में लोकपाल की मांग को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान पर अनिश्चतकालीन भूख हड़ताल पर बैठने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के आन्दोलन ने कांग्रेस को सत्ता से हटाने में अहम् भूमिका निभाई थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने वाले अन्ना हज़ारे ने अब एक बार फिर लोकपाल और राफेल डील पर बयान देकर भाजपा के खेमे में खलबली मचा दी है।

नवजीवन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान राफेल घोटाले का ज़िक्र करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने कहा कि अगर देश में लोकपाल होता तो ‘राफेल घोटाला’ रुक सकता था। अन्ना ने कहा कि अगर लोकपाल होता तो राफेल जैसा घोटाला नहीं हुआ होता। उन्होंने दावा किया कि उनके पास राफेल से जुड़े कई कागजात हैं और वह दो दिन उनका अध्ययन करने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस कर कई खुलासे करेंगे। अन्ना ने कहा, ‘मुझे एक बात समझ नहीं आती कि समझौते से एक महीने पहले बनी एक कंपनी को इसमें सहयोगी कैसे बनाया गया।’

रिपोर्ट के अनुसार, अन्ना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 को लागू नहीं करने पर केन्द्र की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि देश पर ‘तानाशाही’ की तरफ जाने का ‘खतरा’ मंडरा रहा है। अन्ना हजारे ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार ने लिखित में कहा था कि वह लोकपाल कानून पारित करेगी और किसानों को पेंशन के साथ ही डेढ गुना अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य देगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हजारे ने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था का आदेश लागू नहीं करना देश को लोकतंत्र से तानाशाही की ओर ले जाता है और यह सरकार भी ऐसा ही कर रही है।

अन्ना हज़ारे भ्रष्टाचार रोधी कानून को लागू करने और किसानों से जुड़ी मांगों को लेकर 30 जनवरी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की है. वह अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनशन करेंगे

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